पर्यावरण और हमारा अस्तित्व
पर्यावरण और हमारा अस्तित्व.
कैसा होगा पर्यावरण और हमारा अस्तित्व कभी सोचा है ?
जैसे बिना पानी के झरने का बेहना,
जैसे बिना बारिश के मिट्टी से खुशबू आना,
जैसे बिना हवा के फुल का मेहकना,
जैसे बिना आत्मा के शरीर का होना...
पर्यावरण हमारे जीवन का भाग नहीं है बल्कि
हम पर्यावरण का भाग है
उसके जितना समीप जाओगे
उतना खुद को समझ पाओगे
व्यस्त रेहती इस दुनिया में तुम थोड़ा सुकून भी पाओगे ...
पर्यावरण के साथ-साथ अपने अस्तित्व का भी मोल जान जाओगे.
क्योंकि हमसे पर्यावरण का अस्तित्व नहीं पर्यावरण से हमारा अस्तित्व है
इसीलिए बदलती दुनिया में थोड़ी देर के लिए ही सही कभी ना बदलने वाले पर्यावरण यानी जो हमारा 'Surrounding Environment' है उसके समीप जाना चाहिए
और प्रकृति के साथ साथ अपने अंदर की खूबसूरती को भी पहचानना चाहिए.
क्योंकि ,
"स्वच्छ पर्यावरण सुंदर जीवन."
- vaishanavi Tayade
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