सफलता




सफलता, Success



एक दिन किसी ने मुझे पूछा कि सफलता क्या है?


मैंने कहा कि भाई जिस दिन आप लोगों की सुनना बंद करोगे और लोग आपको सुनना पसंद करेंगे उस दिन समझलेना कि आप सफल हो गए हो।

सफलता की कोई ठरावीक व्याख्या नहीं होती

आप जैसे और जिस क्षेत्र में सफल होते हो वैसे आपके सफलता की व्याख्या बनती है,


मानलो कि आप एक उत्तम चित्रकार हो और आप अपनी चित्रकारी में पारंगत एवं सफल बन गए हो तो कोई आपसे यह नहीं पूछेगा कि आपने पढ़ाई कितनी की है या आपके दसवीं कक्षा के गुण कितने थे,

या फिर अगर आप कोई सरकारी अफसर बन गए

तो लोग आपसे यह नहीं पूछेंगे कि आपकी पारंगत कला कौनसी है या फिर कभी आपने कोई चित्र निकाला है ।

ऐसा कोई नहीं पूछेगा इसीलिए आप जिस क्षेत्र में पारंगत  एवं सफल हो वहीं से आपकी सफलता की व्याख्या की जाती है इसीलिए सफलता की कोई ठरावीक व्याख्या नहीं होती…


सफलता के सिर्फ तीन स्तंभ होते हैं वे है 

आत्मविश्वास, एकाग्रता और योगदान

जिस दिन आप इन तीनों को अपनी जीवन में लाएंगे उस दिन आप सफलता की सीढ़ी का पहला पय्या चढ़ेंगे…

क्योंकी

फरेब से की गई जीत कभी सफलता नहीं कहलाती और सच्चाई से जीती हुई लड़ाई कभी असफल नहीं ठेहराती...


Vaishanavi Tayade





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